शेर-ओ-शायरी

आदमी (Man)  Next >>

अमल से जिन्दगी बनती है, जन्नत भी जहन्नुम भी,
यह खाकी अपनी फितरत से न नूरी है, न नारी है।

-मोहम्मद इकबाल

1.अमल- कर्म, काम, कार्य 2.फितरत- आदत, स्वभाव 3.नूरी- स्वर्ग के योग्य 3. नारी- नरक के योग्

 

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आज है किस मंजिल पै इंसान,
दिल में अंधेरा, रूख पै उजाले।

 

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आदम को मत खुदा कहो, आदम खुदा नही,
लेकिन खुदा के नूर से  आदम जुदा नहीं।


1.आदम - मानव,     मनुज,    आदमी, इंसान            
  2. नूर - (i) प्रकाश, ज्योति , आभा, रौशनी, (ii) शोभा,  छठा, रौनक

 
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 आदमी हैं शुमार से बाहर,
कहत है फिर भी आदमीयत की।

-जोश मल्सियानी

 

1. शुमार - गिनती, गणना 2. कहत - कमी, अभाव

 

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आदमियों से भरी है यह सारी दुनिया मगर,
आदमी को आदमी होता नहीं है दस्तयाब ।

-फैज अहमद फैज


1.दस्तयाब
- उपलब्ध, प्राप्त
 

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 इक नहीं मांगी खुदा से आदमीयत की रविश,
और हर शै के लिए बंदे दुआ करते रहे।

-दीवाना मोहन सिंह


1. रविश - चलन,सलीका 2.शै - चीज

 

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