शेर-ओ-शायरी

<< Previous  आँखें  ( Eyes )  Next >>

जिस तरह इक नसीम को झोंका डाल देता है झील में हलचल,
यूँ तेरी निगाह ने इस वक्त कर दिया है मेरी रूह को बेकल।
-'अख्तर' अंसारी

1.नसीम - धीमी हवा


*****


जीना भी आ गया, मुझे मरना भी आ गया,
पहचानने लगा हूँ, तुम्हारी नजर को मैं।
-असगर गौण्डवी

*****

ढूँढ़ा है अगर जख्मे-तमन्ना ने मुदावा,
इक नर्गिसे-बीमार की याद आ ही गई है।

-मजहर इमाम

1.जख्मे-तमन्ना - तमन्ना के पूरा न होने का जख्म 2.नर्गिसे-बीमार - अधखुली ऑख विशेषतः प्रेमिका की आँख के लिए बोलते हैं।


*****


तिरछी नजर का तीर है मुश्किल से निकलेगा,
दिल उसके साथ निकलेगा, अगर ये दिल से निकलेगा।

-'फानी' बदायुनी
 

 *****

 

    << Previous   page - 1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-                17-18-19  Next >>