शेर-ओ-शायरी

<< Previous   आशियाना  (Nest)  Next >>

तुमको खबर न हुई और जलके खाक हुआ,
वह दिल जो तेरी मुहब्बत का आशियाना था।

-रविश सिद्दकी

 

*****

दो गुल कफस में रखके न सैयाद दे फरेब,
देखा ही जैसे हमने नहीं आशियाँ कभी।

-आनन्द नारायण 'मुल्ला'


1.गुल -फूल। 2.कफस -पिंजड़ा। 3.सैयाद -बहेलिया, चिड़ीमार।
 

*****


दौराने-असीरी नजरों में हर वक्त नशेमन रहता था,
जब छूट के आये गुलशन में, हम अपना ठिकाना भूल गये।

-'जेब' बरेलवी


1. असीरी - कैद, कारावास 2. नशेमन - घोंसला,
नीड़

 

*****

न गुल अपना न खार अपना, न जालिम बागबाँ अपना,
बनाया आह किस गुलशन में हमने आशियाँ अपना।


1. बागबाँ - माली

 

*****

                     

 << Previous   page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15  Next>>