शेर-ओ-शायरी

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हम को फंसना था कफस में क्या गिला सैयाद का,
बस तरसते ही रहे हैं आब और दाने के हम।

-'नजीर' अकबराबादी


1. कफस – पिंजड़ 2. सैयाद - बहेलिया, आखेटक, चिड़ीमार

3. आब - पानी
 

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हमीं से सीखकर चालें,
हमीं पै वार करते हैं।

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हाय अब इन बस्तियों का जिक्र ही क्या हमनशीं,
जो अभी बसने न पायी थीं कि वीराँ हो गईं।

-'रविश' सिद्दकी


1. हमनशीं - (i) साथ बैठने वाला, मित्र (ii) समासद, मुसाहिब
 

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