शेर-ओ-शायरी

  बेगानगी  (Unfriendliness)  Next >>

अपनों की दोस्ती ने सिखाया है यह सबक,
गैरों की दोस्ती भी इनायत से कम नहीं।

-'जोश' मल्सियानी


1.सबक - सीख, पाठ 2. इनायत - मेहरबानी

 

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आज फूलों की बेगानगी देखकर,
मुझको कांटों से दामन सजाना पड़ा।


1.बेगानगी - परायापन, अस्वजनता
 

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आप गैरों की बात करते हैं हमने अपने भी आजमाए हैं,
लोग कांटों से बचके चलते हैं, हमने फूलों से जख्म खाए हैं।

-'बेताब' अलीपुरी
 

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'इकबाल' कोई महरम अपना नहीं जहां में,
मालूम क्या किसी को दर्दे – निहाँ हमारा।

-मोहम्मद इकबाल


1.महरम - मित्र, दोस्त, राजदार 2.दर्द– निहाँ- छुपा हुआ दर्द
 

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