शेर-ओ-शायरी

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मेरा अज्म इतना बुलन्द है कि पराये शोलों का डर नहीं,
मुझे खौफ आतिशे-गुल से है, कहीं ये चमन को जला न दे।

-शकील बदायुनी


1.अज्म - साहस, हिम्मत 2. आतिशे-गुल- (चमन के) फूलों की आग (यानी अपनों से)

 

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यगाने तो अपने नहीं बन सकेंगे,
तू गैरों को अपना बनाता चला जा।

-'अर्श' मल्सियानी


1. यगाने - स्वजन, आत्मीय, रिश्तेदार

 

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हमीं से सीखकर चालें,
हमीं पै वार करते हैं।

 

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हमें तो अपनों ने मारा, गैरों में कहाँ दम था,
कश्ती वहां डूबी जहां पानी बहुत कम था।

 

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है अगर बेदर्दियाँ अपनों की दिल को नागवार,
नागवार उससे सिवा गैरों की हैं गमख्वारियाँ।
-ख्वाजा हाली


1.बेदर्दियाँ - निर्दयता, बेरहमियां 2. नागवार - जो पसन्द न हो, जो अच्छी न लगे 3.सिवा - अधिक, जियादा

4. गमख्वारी - सहानुभूति, हमदर्दी, गमगुसारी
 

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