शेर-ओ-शायरी

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खयाल तक न किया अहले-अंजुमन ने कभी,
तमाम रात जली शमअ अंजुमन के लिए।

-वहशत कलकतवी

1.अहले-अंजुमन - महफिल वालों
 

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'गालिब' तेरा अहवाल सुना देंगे हम उनको,
वह सुन के बुलाले, यह इजारा नहीं करता।
-मिर्जा गालिब

1.अहवाल - समाचार, हाल 2.इजारा - ठेका (यानी प्रतिज्ञा या वादा)

 

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गिरा देंगे नजरों से अपनी वह मुझको,
निगाहों में उनकी समाकर करूँ क्या?
-बहजाव लखनवी

 

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गुल से भी नाजुक बदन उसका है लेकिन दोस्तों,
यह गजब क्या है कि दिल पहलू में पत्थर का बना है।
-बहादुशाह 'जफर'


1. पहलू - पार्श्व, बगल

 

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