शेर-ओ-शायरी

<< Previous  बेरुखी  (Irresponsiveness) Next >>

तेरी उम्मीद पै जीने से हासिल कुछ नहीं लेकिन,
मगर यूँ भी न दिल को आसरा देते तो क्या करते  

-जज्बी

*****
 
तेरे करीब रहके भी दिल मुतमइन न था,
गुजरी है मुझपै यह भी कयामत कभी-कभी।

-नासिर काजिमी

*****

तेरे कूचे में सब पर  फूल  बरसे,
मगर हम एक पत्थर को भी तरसे।


*****

तेरे वादे पर सितमगर अभी और सब्र करते,
अगर अपनी जिन्दगी पर हमें एतबार होता।

-दाग


1.सितमगर - सितम करने वाला, अत्याचारी

 

 *****

 

<< Previous   page  -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21-22-23  Next>>