शेर-ओ-शायरी

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मुझसे बरगश्ता न होते तो तअज्जुब होता,
आप को उज्रे-तगाफुल की जरूरत क्या है।
-हसरत मोहानी

1.बरगश्ता - नाराज 2.उज्र - विवशता, मजबूरी

3. तगाफुल - उपेक्षा, बेतवज्जुही, बेपर्बाई

 

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मेरा अज्म इतना बुलन्द है

कि पराये शोलों का डर नहीं,
मुझे खौफ आतिशे-गुल से है,

 कहीं ये चमन को जला न दे।
-शकील बदायुनी

1.अज्म - साहस, हिम्मत 2. आतिशे-गुल- (चमन के) फूलों की आग

(यानी अपनों से)

 

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मैं परीशाँ था, परीशाँ हूँ, नई बात नहीं,
आज वो भी है परीशान, खुदा खैर करे।
-उमर अंसारी

 

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