शेर-ओ-शायरी

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करम ऐसे किये हैं दोस्तों ने कि
हर दुश्मन पै
प्यार आने लगा है।
-नरेश कुमार 'शाद'

1. करम - मेहरबानी

 

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कल जो अपने थे अब पराये है, क्या सितम आसमाँ ने ढाये हैं,
दिल दुखा होंठ मुस्कुराये है, हमने ऐसे भी गम उठाये हैं।

-'बेताब' अलीपुरी
 

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कहते हैं जब रही न मुझमें ताकते-सुखन,
जानूं किसी के दिल की मैं क्यों कर कहे बगैर
काम उससे आ पड़ा है जिसका जहान में
लेते न कोई नाम सितमगर कहे बगैर।

-मिर्जा गालिब

1. ताकते-सुखन - बात करने की ताकत

2. सितमगर - अत्याचार या जुल्म ढाने वाला

 

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कहते हैं मौत से बदतर है इन्तिजार,
मेरी तमाम उम्र कटी इन्तिजार में।

-मजाज लखनवी

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