शेर-ओ-शायरी

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कुछ कटी हिम्मते-सवाल में उम्र,
कुद उम्मीदे -जवाब में गुजरी।

 

*****

 

कुछ खटकता था मेरे सीने में लेकिन आखिर,
जिसको दिल कहते थे, सौर तीर का
पैकां  निकला।

-मिर्जा गालिब


1.
पैकां - बाण की नोक

 

*****

कुछ तुम्हीं पर असर नहीं होता,
आह तो बेअसर नहीं जाती।
-हुनर टौंकी

 

*****


कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी,
यूँ कोई बेवफा नहीं होता।
जी चाहता है बहुत कि सच बोलें,
क्या करूँ हौसला नहीं होता।

 

*****
 

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