शेर-ओ-शायरी

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दुश्मनों से पशेमान होना पड़ा,
दोस्तों का खुलूस आजमाने के बाद।

-'खमार' बारहबंकवीं


1. पशेमान - शर्मिंदा, लज्जित

 

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दुश्मनों की दुश्मनी का जिक्र क्या,
दोस्तों का जौरे – बेजा देखिए।

-हसरत मोहानी


1.जौरे – बेजा - नामुनासिब अत्याचार या जुल्म

 

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दुश्मनों ने तो दुश्मनी की है,
दोस्तो ने भी क्या कमी की है?

-नरेश कुमार 'शाद'

 

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दुश्मनों से प्यार होता जायेगा,
दोस्तों को आजमाते जाइए।

 

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