शेर-ओ-शायरी

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दे गैर दुश्मनी का हमारी खयाल छोड़,
याँ दुश्मनी के वास्ते काफी हैं यार-दोस्त।

-ख्वाजा 'हाली'

 

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दोस्त या अजीज है खुदफरेबियों के नाम,
आज आप के सिवा कोई आपका नहीं।


1.खुदफरबी - अपने को धोखे में रखने वाला

 

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दोस्ती और इस जमाने में,
जिक्र करते हैं किस जमाने का।
-नरेश कुमार 'शाद'

 

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दोस्तों से इस कदर सदमे हुए हैं जान पर,
दिल से दुश्मन की अदावत का गिला जा रहा।
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आतिश ख्वाजा हैदराबादी


1.अदावत - दुश्मनी, शत्रुता

 

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