शेर-ओ-शायरी

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हमें कुछ काम अपने दोस्तों से आ पड़ा यानी,
हमारे दोस्तों के बेवफा होने का वक्त आया।

 

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हमें तो अपनों ने मारा, गैरों में कहाँ दम था,
कश्ती वहां डूबी जहां पानी बहुत कम था।

 

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हमें भी आ पड़ा है दोस्तों से काम कुछ यानी,
हमारे दोस्तों के बेवफा होने का वक्त आया।
-'अख्तर' शीरानी

 

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हरीफ बनके मुकाबिले में न आ सका जहाँ,
तो दोस्त बनके पशे-पुश्त आके वार किया।
-आनन्द नारायण 'मुल्ला'


1.हरीफ - जिससे मुकाबला हो, (i) प्रतिद्वन्द्वी (ii) शत्रु, दुश्मन

2.पशे-पुश्त - पीठ पीछे
 

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