शेर-ओ-शायरी

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कब वह सुनता है कहानी मेरी,
और वह भी जुबानी मेरी।

-मिर्जा 'गालिब'

 

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कभी किसी को यह खयाल आ ही जायेगा इसका,
कि हमको खो के, किसी ने कुछ गवांया है।

-अब्दुल हमीद अदम

 

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कभी मुझको साथ लेके, कभी मेरे साथ चल के,
वह बदल गये अचानक, मेरी जिनदगी बदल कर।

-एहसन दानिश

 

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कर रहा था गमे-जहाँ का हिसाब,
आज तुम याद बेहिसाब आये।

-फैज अहमद 'फैज'


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