शेर-ओ-शायरी

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दिल को बर्बाद किये जाती है गम बदस्तूर किये जाती है,
मर चुकीं सारी उम्मीदें, आरजू है कि जिये जाती है।
-'असर' लखनवी


1.बदस्तूर - पहले की तरह, यथावत, यथापूर्व

 

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दिल गया रौनके-हयात गई,
गम गया सारी कायनात गई।
-'जिगर' मुरादाबादी


1.रौनक - (i) शोभा, छटा, सुहानापन (ii) चमक-दमक, तड़क-भड़क (iii) प्रसन्नता और हर्ष की लहर
2.कायनात - (i) ब्रहमांड (ii) दुनिया, संसार

 

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दिल बुझा शम्ए-कायनात गई,
जिन्दगी की उजाली रात गई।
-आनन्द नारायण 'मुल्ला'


1.शम्ए-कायनात - संसार की रौशनी या दुनिया की रौनक

 

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न खिजाँ में है कोई तीरगी , न बहार में कोई रौशनी,
ये नजर-नजर के चराग है, कहीं जल गए,कहीं बुझ गए।


1.खिजाँ - पतझड़ की ऋतु 2.तीरगी- अंधेरा, अंधकार

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