शेर-ओ-शायरी

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मेरे लबों का तबस्सुम तो सबने देख लिया,
जो दिल पै बीत रही है वो कोई क्या जाने।

1.तबस्सुम - मुस्कान

 

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लुत्फे – बहार कुछ नहीं गो है वही बहार,
दिल क्या उजड़ गया कि जमाना उजड़ गया।
-आर्जू लखनवी


1.
लुत्फ - आनन्द, मजा
 

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सुकूने -दिल जहाने – बेशोकम में ढूढ़ने वाले,
यहां हर चीज मिलती है सुकूने-दिल नहीं मिलता।
-जगन्नाथ आजाद


1.जहान–बेशोकम - थोड़ा-बहुत या हानि-लाभ

का हिसाब करने वाली दुनिया  

 

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हम अपने दिल के मुकामात से हैं बेगाने,
इसी में वरना हरम है, इसी में बुतखाने।
-शाद अजीमाबादी

1.मुकामात - स्थान, जगह, ठहरने का स्थान, घर, मकान

2.बेगाना - अपरिचित, अनजान 3.हरम - काबा, खुदा का घर

4. बुतखाना - मंदिर, मूर्तिगृह 

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