शेर-ओ-शायरी

 दोस्ती  (Friendship)  Next >>

 अपने हाथ से दिया यार ने मीना मुझको,
रूखसत-ए-तौबा कि लाजिम हुआ पीना मुझको।
-'बेदिल' अजीमाबादी

1. मीना - सुराही 2. रूखसत-ए-तौबा -
शराब से परहेज की छुट्टी
 

*****

आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मै,
जैसे हर शै में किसी शै की कमी पाता हूँ मैं।

-जिगर मुरादाबादी


1.शै - चीज

 

*****

कफस में रहके भी हम तो उन्हें भुला न सके,
हमें भी क्या याद किया आशियाँ वालों ने

-अदीब सहारनपुरी


1.कफस - पिंजडा 2.आशियाँ - घोंसला, नीड़

 

*****


कुछ बाँट दीजिये हमें भी अपनी वफा के फूल,
हम भी खड़े हुए है अहले-वफा की कतार में।

1. अहले-वफा -
  वफा निबाहने वाला   , वफा करने वाला

 

*****

  

        page - 1 - 2 - 3 - 4 - 5 - 6 - 7 - 8 - 9 - 10  Next >>