शेर-ओ-शायरी

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बाद रंजिश के गले मिलता हुआ रूकता है जी,
है मुनासिब अब यही, कुछ तू बढ़े कुछ मैं बढूं

 

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मुझको नहीं कुबूल दो आलम की वुसअतें,
किस्मत में कू-ए-यार -की दो गज
जमीं सही।
-जिगर मुरादाबादी


1. आलम- दुनिया, संसार 2. वुसअतें- विशालताएँ

3. कू-ए-यार- प्रेमिका या दोस्त की गली

 

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मेरे दोस्तों की दिलआजारियों में,
मेरी बेहतरी की कोई बात होगी।

-अब्दुल हमीद 'अदम'

1. दिलआजारी - कोई ऐसी बात कहना या करना, जिससे किसी का दिल दुखे, सताना, कष्ट देना

 

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मेरे मालिक तू तो मशहूर है अपनी सत्तारी में,
मैं भी यकता - ए - जमाना हूँ गुनहगारी में।
मैं जो चाहूँ तो गुनाहों से आज कर लूँ तौबा,
दाग लग जायेगा मालिक तेरी गफ्फारी में।


1.सत्तारी - दोष छिपाना या उस पर पर्दा डालना 2. यकता-ए–जमाना - जमाने में अकेला 3.तौबा - किसी बुरे काम से बाज रहने की दृढ़ प्रतिज्ञा 4. गफ्फारी - पापोंको छिपाने का कर्म, मोक्षदान, बख्शिश, ईश्वरत्व, खुदाई

 

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