शेर-ओ-शायरी

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बादे-फना फिजूल है, नामों-निशां की फिक्र,
जब हम नहीं रहे तो रहेगा मजार क्या।

-चकबस्त लखनवी


1.बादे-फना - मृत्यु के बाद

 

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मुझे हर खाक के जर्रे पर यह  लिखा नजर आया,
मुसाफिर हूँ अदम का और फना है कारवाँ मेरा।


1.खाक - धूल, रज 2. ज़र्रा- कण, बहुत ही बारीक रेजा
3.अदम - यमलोक, परलोक 4.फना - (i) मृत्यु, मौत (ii) नष्ट, बरबाद होना

 

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मुझे जिन्दगी की दुआ देने वाले,
हँसी आ रही है तेरी सादगी पर।

-गोपाल मित्तल

 

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यह चमन यूं ही रहेगा और हजारों जानवर,
अपनी-अपनी बोलियाँ सब बोलकर उड़ जायेंगे।

-जफर
 

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