शेर-ओ-शायरी

   गुरूर  ( Conceit ) Next >>

खुदा जाने क्या होगा अंजाम इसका,
मैं बेसब्र इतना हूँ वह तुन्द –खू है।


1. तुन्द –खू - तेज मिजाज वाला, गुस्सैल, तीव्र स्वभाव

 

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खुदा तो इक तरफ, खुद से भी कोसों दूर होता है,
बशर जिस वक्त ताकत के नशे में चूर होता है।


1. बशर - मानव, आदमी, मनुष्य

 

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खुदी की इब्तिदा यह थी कि अपने आप में गुम थे,
खूदी की इन्तिहा ये है खुदा को याद करता हूँ।


1. खुदी - यह भाव कि बस हमीं हम है, अहंकार, गर्व, घमंड

2. इब्तिदा - शुरूआत, आरम्भ

 

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छोड़ा नहीं खुदी को, दौड़े खुदा के पीछे,
आसां को छोड़ बंदे, मुश्किल को ढूंढ़ते हैं।


1. खुदी - अहंकार, अभिमान, यह भाव कि हमीं हम हैं

 

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