शेर-ओ-शायरी

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खुदा और नाखुदा मिलकर डुबो दें यह तो मुमकिन है,
मेरी वजहे-तबाही सिर्फ तूफां हो नहीं सकता।

-सीमाब अकबराबादी


1. नाखुदा - मल्लाह, नाविक, केवट, कर्णधार

 

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खुदी को कर बुलन्द इतना कि हर तकदीर से पहले,
खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है।

-मोहम्मद इकबाल

 

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1.रजा आशा, आस, इच्छा

खेलना जब उनको तूफानों से आता ही न था,
फिर वो कश्ती के हमारे, नाखुदा क्यों हो गये।

-'अफसर' मेरठी


1. नाखुदा - मल्लाह, नाविक, केवट, कर्णधार
 

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खोला है किसने अपने सफीने का बादबां,
तूफां सिमट गये हैं कनारों की गोद में।


1. सफीना- नाव, नौका, कश्ती 2.बादबां - पोतपट, मरूतपट, जहाज में लगाया जाने वाला पर्दा, जिसमें हवा भरने से जहाज चलता है।

 

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