शेर-ओ-शायरी

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ताबे-नाकामी नहीं तो आरजू करता है क्यों,
आरजू है मौत के साहिल से टकराने का नाम।

-आनन्द नारायण 'मुल्ला'


1. ताबे-नाकामी - नाकामी या नाकामयाबी बर्दाश्त करने की ताकत

 2. साहिल - किनारा, तट

 

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तुन्दिए-बादे-मुखालिफ से न घबरा ऐ 'अकाब'
ये तो चलती हैं तुझे ऊँचा उड़ाने के लिये।

 

1. तुन्दिए-बादे-मुखालिफ - उल्टी दिशा

यानी सामने से हने वाली तेज हवा, वह तेज़ हवा जो नाव के विरुद्ध

 दिशा में चले जिससे नाव के चलने में बाधा उत्पन्न होती है

 

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तू राह में सोता है वो भी तो मुसाफिर है
मंजिल पर पहुँच कर जो आराम नहीं करते।

-आरिफ बीकानेरी
 

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तूने अच्छा किया ऐ दोस्त सहारा न दिया,
मुझको लग्जिश की जरूरत थी संभलने के लिये।


1.लग्जिश - (i) डगमगाना, फिसलना, फिसलन

(iii) त्रुटि, भूल (iii) अपराध, कुसूर
 

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