शेर-ओ-शायरी

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यूँ ही डूबोता रहा अगर किश्तियाँ सैलाब,
तो सतहे-आब पै चलना भी आ ही जायेगा।


1. सैलाब - बाढ़ 2. सतहे-आब - पानी की सतह


रंग लाती है हिना पत्थर पर घिस जाने के बाद
सुर्खरू होता है इन्सां, ठाकरें खाने के बाद।


1.हिना - मेंहदी 2. सुर्खरू - सफल, कामयाब

 

रंज से खूगर हुआ इन्साँ तो मिट जाता है रंज,
मुश्किलें मुझ पर पड़ी इतनी कि आसाँ हो गइं।

-मिर्जा गालिब


1.खूगर - आदी, अभ्यस्त, जिसे किसी बात की आदत हो

2. रंज - कष्ट, तकलीफ, पीड़ा, दर्द

 

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रहनुमा खो गये मंजिल तो बुलाती है हमें,
पांव जख्मी है तो क्या, जौके-सफर रखते हैं।

-जमील


1. रहनुमा - पथप्रदर्शक, रास्ता दिखाने वाला

2. जौके-सफर - सफर की ख्वाहिश
 

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