शेर-ओ-शायरी

<< Previous  हौसला  (Fearlessness) Next >>

कमाले - बुजदिली है पस्त होना अपनी नजरों में,
अगर थोड़ी-सी हिम्मत हो तो फिर क्या हो नहीं सकता।

-चकबस्त लखनवी

1. कमाले–बुजदिली - अव्वल दर्जे की नासमझी या डरपोकपन, नादानी की चरमसीमा 2. पस्त - नीचा, हीन, छोटा

 

*****

कश्ती को भंवर में घिरने दो, मौजों के थपेड़े सहने दे,
जिन्दों में अगर जीना है तुम्हें, तूफान की हलचल रहने दे।

-सागर

 

*****

कहा था सबने डूबेगी यह कश्ती,
मगर हम जानकर बैठे उसी में।

-खलीक बीकानेरी

 

*****

कहो नाखुदा से उठा दे वह लंगर,
मैं तूफां की जिद देखना चाहता हूँ।


1. नाखुदा - मल्लाह, नाविक, कर्णधार

 

*****

 

<< Previous  page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21-22-23-24-25-26-27-28-29-30-31-32-33-34-35-36   Next >>