शेर-ओ-शायरी

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उनको तो अपनी आइनाबीनी से है गरज,
उनकी बला से कोई अगर बेकरार है।

-'रजा' टौंकी


1. आइनाबीनी - सिंगार, सजावट

 

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उनको भी नाजे-फतह हो तो कोई बात है,
मुझको तो हर शीकस्त ने मगरूर कर दिया।

-'जिगर' मुरादाबादी


1.नाजे-फतह - जीत का घमंड 2. शीकस्त - हार, पराभव

3. मगरूर - अहंकारी, घमंडी

 

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उनसे नजरें मिला के देखो,
यह जहाँ कितना खूबसूरत है।

-बाकी सिद्दकी

 

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