शेर-ओ-शायरी

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उसकी कुदरत देखता हूँ तेरी आँखें देखकर,
दो पियालों में भरी है कैसे लाखों मन शराब।

1. कुदरत - ताकत, शक्ति

 

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उसने महशर यहीं देख लिया
जिसने तेरा शबाब देखा है।
-'अजीज' बीकानेरी

1.महशर - कयामत 2.शबाब - (i) जवानी, यौवन, युवावस्था (ii) किसी चीज की उत्तम अवस्था

 

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एक ऐसी भी तजल्ली आज मैखाने में है,
लुत्फ पीने में नहीं, बल्कि खो जाने में है।
-मिर्जा गालिब

1.तजल्ली - प्रकाश, आभा, नूर (यानी हसीन औरत)

2. मैखाना - शराबखाना, मदिरालय

 

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एक-सी शोखी खुदा ने दी है हुस्नो -इश्क को,
फर्क बस इतना है कि वो आंखों में है, ये दिल में हैं।

-'जलाल' लखनवी
 

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