शेर-ओ-शायरी

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अब क्या जवाब दूँ मैं, कोई मुझे बताये,
वह मुझसे कह रहे हैं, क्यों मेरी आर्जू की।

-जिगर मुरादाबादी

 

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अभी कमसिन हैं जिदें भी हैं निराली उनकी,
इसपे मचले हैं कि हम जख्म-जिगर देखेंगे।


1. कमसिन-कम आयु वाला, छोटी उम्र वाला अल्पवयस्क  

 

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अभी गुजरे हैं वह शायद इधर से,
बयाबाँ भी गुलिस्तां हो गया है।

-परवाज कोटी

 

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अल्लारे उनके फूलों-से गालों की ताजगी,
धूप आइने की देखकर कुम्हलाये जाती है।

-हफीज जौनपुरी
 

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