शेर-ओ-शायरी

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खबर वो रखेंगे क्या किसी का,
उन्हें खुद अपनी खबर नहीं है।
-'जिगर' मुरादाबादी

 

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खयाल था तेरे पहलू में कुछ सकूं होगा,
मगर यहाँ भी वही इज्तिराबे-पैहम है।
-अहमद राही

1.इज्तिराबे-पैहम - न खत्म होने वाली बेचैनी या बेताबी या व्याकुलता या बेकरारी

 

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खिलना कम, कम कली ने सीखा है,
तेरी आंखों की नीमबाजी से।
-मीरतकी मीर

1.नीमबाजी - आँख का आधा खुला हुआ होना यानी उनका नशीलापन

 

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खुदा के डर से हम तुमको खुदा कह नहीं सकते,
मगर लुत्फे-खुदा, कहरे-खुद शाने-खुदा तुम हो।

-नूह नारवी

1. लुत्फे-खुदा - खुदा की मेहरबानी

2.कहरे-खुद - दैवी कोप, बलाए-आसमानी
3.शान - वैभव, शानो-शौकत, प्रताप, इकबाल

 

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