शेर-ओ-शायरी

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गैसुओं का संवरना कयामत सही,
गैसुओं का बिखरना भी कुछ कम नहीं


1.गैसुओं - बाल


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चारासाजों! तुम पहले उनकी नजर को देखो,
फिर मेरे दिल देखो, मेरे जिगर को देखो।

-'दिल' शाहजहाँपुरी


1.चारासाज - चिकित्सक

 

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चाल मस्त, नजर मस्त, अदा में मस्ती,
जब वह आते हैं लूटे हुए मैखाने को।
-'जलील' मानिकपुरी
 

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चाहता हूँ तेरा दीदार मयस्सर हो जाये,
सोचता हूँ मुझे ताबे-नजर भी होगी?
-तालिब देहलवी


1.दीदार - दर्शन 2.मयस्सर - प्राप्त 3.ताबे-नजर - देखने की शक्ति

 

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