शेर-ओ-शायरी

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जलवे की रोकथाम करेगा हिजाब क्या,
दरिया के आगे आबे-रवाँ की बिसात क्या?
-हसन बरेलवी

1.हिजाब - (i) आड़, पर्दा, ओट (ii) मुखावरण, बुर्का, पर्दा

 2.आबे-रवाँ - तेजी से बहता पानी 3.बिसात - साहस, हिम्मत, सामर्थ्य
 

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जहाँ मैं हूँ वहाँ पुरसाने-गम कोई नहीं मेरा,
जहाँ तुम हो, वहाँ पुरसाने-गम सारी खुदाई है।

-कौल जयपुरी


1.पुरसाने-गम - दुख-तकलीफ में हाल पूछने वाला

2. खुदाई - संसार, जगत, दुनिया
 

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जाहिद तेरे बहिश्त में हूरें सही मगर,
हम जिसको चाहते हैं वह जोहरा-जबीं कहाँ।

-अख्तर शीरानी


1.जाहिद – संयमी, विषय-विरक्त, संयम ,नियम और जप-तप करने वाला व्यक्ति 2.बहिश्त - स्वर्ग, जन्नत 3.हूर - स्वर्ग मे रहने वाली सुन्दर स्त्री.

 

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जाहिद वह उन आंखों की टपकती हुई मस्ती,
पत्थर में गढ्ढा डाल के पैमाना बना दें।
-'आर्जू' लखनवी


1.जाहिद - संयमी, विषय-विरक्त ,संयम, नियम और जप-तप करने वाला व्यक्ति 2.पैमाना - शराब का गिलास, पान-पात्र

 

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