शेर-ओ-शायरी

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जौर तो ऐ 'जोश' आखिर जौर था,
लुत्फ भी उनका सितम ढाता रहा।
-'जोश' मल्सियान


1.जौर - जुल्मो-सितम, अत्याचार 2.लुत्फ - इनायत, मेहरबानी

 

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झूठे वादे भी नहीं करते आप,
कोई जीने का सहारा भी नहीं।

-'जलील' मानिकपुरी
 

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ढूँढ़ा है अगर जख्मे-तमन्ना ने मुदावा,
इक नर्गिसे-बीमार की याद आ ही गई है।

-मजहर इमाम


1.जख्मे-तमन्ना - तमन्ना के पूरा न होने का जख्म 2.नर्गिसे-बीमार - अधखुली ऑख विशेषतः प्रेमिका की आँख के लिए बोलते हैं।

 

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तबस्सुम उनके लब पर एक दिन वक्ते-इताब आया,
उसी दिन से हमारी  जिन्दगी में इन्किलाब आया।
-'नातिक' लखनवी


1.तबस्सुम - मुस्कान, मुस्कुराहट, स्मित मंदहास 2. लब - होष्ट, होंठ

3. वक्ते-इताब - उस समय जब वह गुस्से में थे

4. इन्किलाब - बड़ा परिवर्तन
 

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