शेर-ओ-शायरी

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दिल से उतर गईं हैं दुनिया की सूरतें सब ,
ऐसा चढ़ गया है कोई मेरी निगाह में।

-अनवर अनूपशहरी

 

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दिल है किसका जिसमें अरमाँ आप का रहता नहीं,
फर्क इतना है कि सब कहते हैं मैं कहता नहीं।

-'नातिक' लखनवी
 

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दीवानावार दौड़ के कोई लिपट न जाये,
आंखों में आंखें डालकर देखा न कीजिए।

-यास और यगाना चंगेजी


1.दीवानावार - दीवानों की तरह, अदबदाकर

 

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देख कर हुस्न गुलआजारों का,
रंग उड़ने लगा है बहारों का।

-नरेश कुमार 'शाद'


1.गुलआजार - गुलाबी गाल
 

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