शेर-ओ-शायरी

<< Previous  हुस्न  (Beauty)   Next>>

देखा है मेरी नजरों ने एक रंग छलकते पैमाने का,
यूँ खुलती है आंख किसी की जैसे खुले दर मैखाने का।

-महेशचन्द नक्श
 

1.पैमाना - शराब पीने का गिलास, पान-पात्र (यानी माशूक की नशीली आँखें) 2.दर - दरवाजा 3. मैखाना - शराबखाना, मदिरालय

 

*****

देखा किये वह मस्त निगाहों से बार-बार,
जब तक शराब आई कई दौर चल गये।
-'शाद' अजीमाबादी
 

*****


देखा जो उन्हें सर भी झुकाना न रहा याद,
दरअसल नमाज आज अदा हमसे हुई है।
-कृष्ण बिहारी 'नूर'

 

*****

 

देखो तो चश्मे - यार की जादूनिगाहियाँ,
हर इक को है गुमां कि मुखातिब हमीं से हैं।

-हसरत मोहानी


1.चश्मे–यार - माशूक की आँख

2.मुखातिब - सम्बोधन कर्त्ता, बोलने वाला, वार्ता करने वाला

*****

 

<< Previous  page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21-22-23-24-25-26-27-28-29-30-31-32-33-34-35-36-37-38-39-40-41-42-43-44-45-46-47-48-49-50-51-52-53-54-55-56-57-58-59-60-61-62-63-64-65-66-67-68-69-70-71-72-73-74      Next >>