शेर-ओ-शायरी

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देखो न आंखें भरकर किसी के तरफ कभी,
तुमको खबर नहीं जो तुम्हारी नजर में हैं।

-'असर' लखनवी

 

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न शोले में यह करिश्मा, न बर्क में यह अदा,
कोई बताओ कि वह शोखे-तुन्द-खू क्या है।

-मिर्जा गालिब


1.बर्क - बिजली, सौदामिनी

2. शोखे-तुन्द-खू - तेज-तर्रार और चंचल स्वभाव वाली
 

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नकाब उनके चेहरे का सरका है शायद,
बड़ी दूर तक बर्क लहरा नहीं है।

-अब्दुल हमीद 'अदम'


1. बर्क - बिजली, सौदामिनी, चंपला, तड़ित, चंचला

 

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नकाब कहती है मैं पर्दा-ए-कयामत हूँ,
अगर यकीं न हो तो देख लो उठा के मुझे।

-'जलील' मानिकपुरी


1.नकाब - मुखवरण, मुखपट, पर्दा, बुर्का

 

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