शेर-ओ-शायरी

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बहार आपके पैकर का साया है,
जिधर हों आप खरामां उधर बहार चले।


1.पैकर - शरीर, देह 2.खरामां - हल्की चाल से, मंद गति से

 

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बहारे-गुलिस्तां शर्मा रही है,
जमाले-यार तेरी सादगी से।

-नरेश कुमार 'शाद'


1.जमाल - (i) सौन्दर्य, खूबसूरती, रूप, सुन्दरता (iii) मुखकांति, मुखाभा, तल्अत (iii) शोभा, छटा, छवि

 

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बहुत मुश्किल है दुनिया का संवरना,
तेरी जुल्फों का कोई पेचोखम नहीं है।
-मजाज लखनवी


1. पेचोखम - (i) टेढ़-मेढ़, चक्कर, जटिलता (ii) ऊंच-नीच

 

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बात करने में फूल झड़ते हैं, बर्क गिरती है मुस्कराने में,
नजरें जैसे फराखदिल साकी खुम, लुढाये मैखाने में।
-'अख्तर' अंसारी


1.बर्क - बिजली, तड़ित, चपला 2.फराखदिल - दिल खोलकर खाने-खिलाने या पीने-पिलाने वाला, दरियादिल 3.खुम - घड़ा, शराब रखने का मटका

 

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