शेर-ओ-शायरी

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मैं जो कहता हूँ कि हम लेंगे कयामत से तुम्हें,
किस रऊनत से वो कहते है कि हम हूर नहीं।

-मिर्जा 'गालिब'


1.रऊनत - अदा, अंदाज

2. हूर - स्वर्ग में रहने वाली सुन्दर स्त्री, स्वर्गांगना, स्वर्गवधू

 

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मैं न कहता था कि सुलझा लो ये जुल्फे-मुन्तशिर,
अब तुम्हीं देखो जमाना कितना उलझा जाये है।
-'सलाम' मछलीशहरी


1.जुल्फे-मुन्तशिर - बिखरी हुई जुल्

 

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मैं बताऊँ मुझको तड़पाना अगर मंजूर है,
दिलनवाजी भी शरीके-नाज होना चाहिए।
-'असर' लखनवी


1.दिलनवाजी - (i) मैत्री, दोस्ती (ii) सान्तवना, ढाढस

 

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मैं समझता हूँ बर्क चमकती है,
लोग कहते हैं आप आये हैं।

-'असर' लखनवी


1.बर्क - बिजली, तड़ित, चपला, सौदामिनी
 

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