शेर-ओ-शायरी

<< Previous  हुस्न  (Beauty)   Next>>

यह जो सर नीचे किये हुए बैठे है,
जान कितनों की लिये बैठे हैं।
-'जलील' मानिकपुरी


*****


यह दमकता हुआ चेहरा, यह नशीली आंखें,
चाँदनी रात में मैखाना खुला हो जैसे।
-'जौकी' रामपुरी


1.मैखाना - शराबखाना, मदिरालय

 

*****

यह दस्तूरे-जबाबंदी है कैसी, तेरी महफिल में,
यहाँ तो बात करने को तरसती है जबाँ मेरी।

-मोहम्मद 'इकबाल'


1.दस्तूरे-जबाबंदी - बोलने की मनाही
 

*****


यह दिलफरेब तबस्सुम, यह मस्त मस्तनजर,
तुम्हारे ही दम से चमन में बहार बाकी है।

- वाहिद प्रेमी

 

*****
 

<< Previous  page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21-22-23-24-25-26-27-28-29-30-31-32-33-34-35-36-37-38-39-40-41-42-43-44-45-46-47-48-49-50-51-52-53-54-55-56-57-58-59-60-61-62-63-64-65-66-67-68-69-70-71-72-73-74       Next >>