शेर-ओ-शायरी

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आदमियत और शै है, इल्म है कुछ और चीज,
कितना तोते को रटाया, पर वह हैवां ही रहा।


1. हैवां - जानवर, पशु, चौपाया

 

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इलाही उनके हिस्से का भी गम मुझको अता कर दे,
कि उन मासूम आंखों में नमी देखी नहीं जाती।


1. अता - (i) प्रदान, दान (ii) पुरस्कार
 

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इश्क के रूतबे के आगे आस्मां भी पस्त है,
सर झुकाया है फरिश्तों ने बशर के सामने।

-'नसीम'


1.पस्त - (i) नीचा (ii) लघु, छोटा (iii) अधम, नीच,कमीना

2. बशर - मनुष्य, मानव, आदमी

 

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उनको इन्साँ मत समझ, हो सरकशी जिनमें 'जफर'
खाकसारी के लिये है खाक से इन्साँ बना।

-बहादुर शाह 'जफर'


1.सरकशी - (i) उद्दंडता, उज्जड़पन, अशिष्टता (ii) अवज्ञा, हुक्मउदूली (iii) विद्रोह, बगावत 2. खाकसारी - विनम्रता 3. खाक - (i) धूल, रज, गुबार, गर्द (ii)मिट्टी (iii) भूमि, जमीन

 

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