शेर-ओ-शायरी

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बिजलियाँ अपना जोर दिखाती रहीं,
और हम आशियाना बनाते रहे।

 

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भंवर से लड़ो तुन्द लहरों से उलझो,
कहाँ तक चलोगे किनारे -किनारे।

-'रजा' हमदानी


1. तुन्द - तेज, भीषण, भयानक
 

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मछली की तरह तड़पायेगा, एहसास तुझे पायाबी का,
जीना है तो अपने दरिया में, इमकाने-तलातुम रहने दे।

-सागर निजामी


1.पायाबी –उथलापन, जहाँ पानी बहुत कम हो 2. इमकान - संभावना

3. तलातुम - पानी का मौजें मारना, बाढ़, तुग्यानी
 

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मिल गया आखिर निशाने-मंजिले-मकसूद मगर,
अब यह रोना है कि शौके-जुस्तजू जाता रहा।

-'अर्श' मल्सियानी


1. शौके-जुस्तजू - तलाश की चाहत

 

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