शेर-ओ-शायरी

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यहाँ तो उम्र गुजरी है मौजे-तलातुम में,
वो कोई और होंगे सैरे-साहिल देखनेवाले।

-असगर गौण्डवी


1.मौजे-तलातुम - तूफानी लहरों के बीच 2. सैरे-साहिल - किनारे की सैर

 

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यूँ ही डूबोता रहा अगर किश्तियाँ सैलाब,
तो सतहे-आब पै चलना भी आ ही जायेगा।


1. सैलाब - बाढ़ 2. सतहे-आब - पानी की सतह

 

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ये सारी लज्जतें हैं मेरे शौके -नामुकम्मल तक,
कयामत थी अगर पैमाना यह लबरेज हो जाता।

-जिगर मुरादाबादी


1.लज्जत - (i) स्वाद, मजा (ii) आनन्द लुत्फ 2. शौके -नामुकम्मल - अभिलाषा या उत्कंठा का पूरा न होना

3.लबरेज - लबालब, मुहांमुह, ऊपर तक भरा हुआ, परिपूर्ण
 

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रहनुमा खो गये मंजिल तो बुलाती है हमें,
पांव जख्मी है तो क्या, जौके-सफर रखते हैं।

-जमील


1.रहनुमा - पथ
-प्रदर्शक, रास्ता दिखाने वाला 

2. जौके-सफर - सफर की ख्वाहिश

 

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