शेर-ओ-शायरी

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चला जाता हूँ हँसता-खेलता मौजे-हवादिस से,
अगर आसानियाँ हों जिन्दगी दुश्वार हो जाये।

-असगर गौण्डवी


1. मौजे-हवादिस - दुर्घटनाओं या हादसों की लहर

 

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चलो एक मुश्किल तो आसाँ हुई,
सुना है रास्ता बहुत पुरखतर है।

-अब्दुल हमीद 'अदम'


1.पुरखतर - खतरनाक, भयानक, भीषण मुसीबतों और खतरों से भरा हुआ

 

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जब इश्क हो अपनी धुन में रवाँ

बेखौफो-खतर मंजिल की तरफ,
वह राह की मुश्किल क्या जाने,

वह दूरिए-मंजिल क्या जाने।
-जगन्नाथ 'आजाद'


1. रवाँ - प्रवाहित, बहता हुआ 2. बे-खौफो-खतर - बिना डरे हुए ,

बिना भय और डर

 

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जब कोई हद हो मुअय्यन तो शौक, शौक नहीं,
वह कामयाब है जो कायमाब हो न सका।

-'आर्जू' लखनवी


1.हद - (i) पराकाष्ठा, किनारा अखीर (ii) सीमा (iii) छोर

2.मुअय्यन - निश्चित, नियत, मुकर्रर
 

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