शेर-ओ-शायरी

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जिन्दगी है मगर गर्मिए-रफ्तार का नाम,
मंजिलें साथ लिये राह पै चलते रहना।

-'शकील' बदायुनी


1.गर्मिए-रफ्तार - चलते रहने के कारण उत्पन्न गर्मी

यानी निरंतर चलते रहना

 

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जिस गम से दिल को राहत हो,

उस गम का मुदावा क्या मानी?
जब फितरत तूफानी ठहरी,

साहिल की तमन्ना क्या मानी।
-अर्श मल्सियानी


1.मुदावा - दवा, इलाज 2. फितरत - आदत, स्वभाव

 3. साहिल - किनारा, तट
 

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जुज शौके-तलब, जुज शौके-सफर, कुछ और मुझे मंजूर नहीं,
ऐ इश्क बता अब क्या होगा, कहते हैं कि मंजिल दूर नहीं।

-'जिगर' मुरादाबादी


1.जुज - अतिरिक्त, अलावा, सिवाय

2.शौके-तलब - ख्वाहिशों को हासिल करने की चाहत

 

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जुस्तजू ही दिलों की मंजिल थी,
हमने खोकर तुझे, तुझे पाया।
जिन्दगी नाम है जुदाई का,
आप आये तो मुझे याद आया।

-नरेश कुमार शाद


1.जुस्तजू - तलाश, खोज

 

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