शेर-ओ-शायरी

<< Previous  जुस्तजू (Quest)  Next >>

ठहरता नही जिन्दगी का सफीना,
यही इस जहाँ का है अक्सर करीना।
है बेताब-ओ-बेचैन रहना ही जीना,
यह हर लहजा करती हैं मौजें इशारे।

-अफसर मेरठी


1.सफीना - नाव, नौका, कश्ती 2.करीना - ढंग,  तर्ज 3. मौजें - लहरें

 

*****

ठोकर अगर किसी पत्थर से खाई है,
मंजिल का पता भी उसी पत्थर से मिला है।

-बिस्मिल सईदी हाशमी
 

*****

 

ढूँढ़ता रहता हूँ ऐ 'इकबाल' अपने आप को,
आप ही गोया मुसाफिर, आप ही मंजिल हूँ मैं।

-मोहम्मद 'इकबाल'

 

*****

ताबे-नाकामी नहीं तो आरजू करता है क्यों,
आरजू है मौत के साहिल से टकराने का नाम।

-आनन्द नारायण 'मुल्ला'


1.ताबे-नाकामी - नाकामी या नाकामयाबी बर्दाश्त करने की ताकत

 2. साहिल - किनारा, तट
 

*****

 

<< Previous  page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17   Next >>