शेर-ओ-शायरी

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तूफान कर रहा था मेरे अज्म का तवाफ,
दुनिया समझ रही थी कश्ती भंवर में है।


1.अज्म - संकल्प, साहस, दृढ़, निश्चय

2.तवाफ - परिक्रमा, चक्कर काटना

 

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तौहीने - जिन्दगी है कनारे की जुस्तजू,
मझधार में सफीना -ए -हस्ती उतार दे।
फिर देख की उसका रंग निखरता है किस तरह
दोशीजा-ए -खिजां को खिताबे–बहार दे।
-अब्दुल हमीद 'अदम'


1.जुस्तजू - तलाश, खोज 2.
सफीना-ए-हस्ती - जीवन नौका 3.दोशीजा -जवान अल्हड लड़की, कुमारी  दोशीजा-ए-खिजां- पतझड़ रूपी युवती 4.खिताबे–बहार - बहार का नाम या बहार की संज्ञा

 

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धारे के मुआफिक बहना क्या, तौहीने-दस्तोबाजू है,
पर्रवर्दए-तूफाँ किश्ती को, धारे के मुखालिफ बहने दे।

सागर निजामी


1. मुआफिक - ओर,अनुकूल 2. पर्रवर्दए-तूफाँ - तूफान में पले हुए या पली हुई

 

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पर्वर्द-ए-तूफां इन्सां को, कश्ती की नहीं हाजत,
मौजों के तलातुम में उनको, साहिल नजर आता है।

-जिगर मुरादाबादी


1.पर्वर्द-ए-तूफां - तूफान में पले हुए 2. हाजत - जरूरत, आवश्यकता

3. मौज -लहर 4. तलातुम - हलचल 5. साहिल - किनारा, तट

 
 

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