शेर-ओ-शायरी

   खुशामद  (Adulation)

ऐ दिल तुझे जेबा नहीं साकी की खुशामद,
मैखाना खिंचा आयेगा, किस्मत में अगर है।


1.जेबा - शोभा देना, सुन्दर लगना

 

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जो कहिए तो झूठी जो सुनिये तो सच्ची,
खुशामद भी हमने अजब चीज पाई।

-ख्वाजा हाली
 

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दिल रहे या न रहे, जख्म भरें या न भरें,
चारासाजों की खुशामद मुझे पसंद नहीं।

-नातिक लखनवी


1.चारासाज - चिकित्क

 

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बतायें क्या कि हमारी निगाह में क्या तुम हो,
खुदा का डर है वरना कह दूँ खुदा तुम हो।

-ख्वाजा हैदरअली

 

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 सिज्दे करते भी हैं इंसां खुद दरे-इंसां पै रोज,
और फिर कहते भी है, बंदा खुदा होता नहीं।
-अर्श मल्सियानी


1.दर- चौखट, दहलीज, दरवाजा

 

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