शेर-ओ-शायरी

<< Previous   मैकशी (Drinking)  Next >>

रात हम तो पिए हुए थे मगर,
आप की आंख भी शराबी थी।
फिर हमारे खराब होने में,
आप ही कहिए क्या खराबी थी।

-नदेश कुमार 'शाद'
 

*****


रिन्दाने-जहां से ये नफरत, ऐ हजरते-वाइज क्या कहना,
अल्लाह के आगे बस न चला, बंदों से बगावत कर बैठे।

-फैज अहमद 'फैज'


1.रिन्दाने-जहां - मैकशी की दुनिया यानी शराब पीने वाले
 2.हजरते-वाइज - धर्मोपदेशक महोदय

 

*****

लड़ते हैं जाके बाहर ये शैख-ओ-बिरहमन,
पीते हैं मयकदे में सागर बदल बदल कर।

-माइल देहलवी


1.सागर - पियाला
 

*****


लहरों पै खेलता हुआ लहरा के पी गया,
साकी की हर निगाह पै बलखा के पी गया।
मैंने तो छोड़ दी थी पर रोने लगी शराब,
मैं उसके आसुंओं पै तरस खा के पी गया।

-अब्दुल हमीद 'अदम'


*****

 

   << Previous  page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21  Next >>