शेर-ओ-शायरी

<< Previous   मैकशी (Drinking)  Next >>

खुश्क बातों में कहां ऐ शैख कैफे-जिन्दगी,
वह तो पीकर ही मिलेगा जो मजा पीने में है।

-'अर्श' मल्सियानी


1.शैख - पीर, गुरू, धर्माचार्य
 

*****


गम गलत सारे जहां का एक मैखाने में है,
जिन्दगी का गर मजा पूछो तो मैखाने में है।

-'इनाम'
 

*****


गर यार मय पिलाए तो क्यों कर न पीजिए,
जाहिद नहीं मैं, शेख नहीं, कुछ वली नहीं।

-'इनशा'


1.जाहिद - संयम, नियम और जप'-तप करने वाला व्यक्ति 2.शेख - पीर, गुरू, धर्माचार्य 3. वली - महात्मा, ऋषि

 

*****

गिन-गिन के जिसने जाम पिए उसने कुछ न पी,
पीना उसी का है जो पिए बेखुदी के साथ।

-'फलक' देहलवी


बेखुदी- बेखबरी, बेसुधी

 

*****

 

<< Previous  page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21    Next >>