शेर-ओ-शायरी

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जहां कुछ सोचने का वक्त मिलता है फरागत में,
उसे मक्तब नहीं कहते, उसे मैखाना कहते हैं।

-अब्दुल हमीद 'अदम'


1.फरागत –. फुरसत 2.मक्तब - पाठशाला, विद्यालय

 

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जाने-अफसाना यही कुछ हो अफसाने का नाम,
जिन्दगी है दिल की घड़कन तेज हो जाने का नाम।
कतरा-कतरा जिन्दगी के जहर का पीना है गम,
और खुशी हे दो घड़ी पीकर बहक जाने का नाम।

-आनन्द नारायण'मुल्ला'


1.जाने-अफसाना - कहानी की जान

 

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जाहिद की मैकशी पर तअज्जुब न कीजिए,
लाती है रंग फितरते-आदम कभी-कभी।

-'शकील' बदायुनी


1.जाहिद - संयम, नियम और जप-तप करने वाला व्यक्ति

2.मैकशी - मद्यपान 3.तअज्जुब - आश्चर्य

 

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जाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठकर,
या वो जगह बता दे जहां पर खुदा नहीं।


1.जाहिद - संयम, नियम और जप-तप करने वाला व्यक्ति
 

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