शेर-ओ-शायरी

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ज़रा भी नहीं मैकशों को मैकशी में होश
हद से अगर सिवा हो तो पीना हराम है।

-'शाद' अजीमाबादी


1. मैकश - शराबी 2.सिवा - अधिक, ज्यादा

 

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तुम्हारी बेरूखी ने लाज रख ली बादाखाने की
तुम आंखों से पिला देते तो पैमाने कहा जाते।

-कतील शिफाई


1. बादाखा
ना - शराबखाना  2. पैमाना - जाम
 

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तोड़ बैठे जब कि हम जामो-सुबू फिर हमको क्या,
आस्मां से बादा-ए-गुल्फाम गर बरसा करे।

-मिर्जा 'गालिब'


1.जामो-सुबू
- प्याला और सुराही 2.बादा-ए-गुल्फाम –  फूल के रंगवाली शराब

 

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तौबा को तोड़ने की नियति न थी मगर,
मौसम का एहतिराम न करते तो जुल्म था।

-अब्दुल हमीद 'अदम'


1.तौबा - परहेज 2.एहतिराम - स्वागत
 

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